आंखें !

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लफ्ज कुछ कहे ना कहें,
आंखें सब बयां कर देती है।
मोहब्बत में दो दिलों का,
यूं काम आसां कर देती है।

हर अहसास लफ्जों में ,

 बयां हो, ज़रूरी तो नहीं …….

ये आंखों का ही कमाल है,
जो इस अनकहे अहसास को,
और भी खूबसूरत बना देती है ।

~AnuRag


2020!

जैसा भी था गुजर ही गया ।
ना भूलेगा ये साल उम्र भर,
कुछ ऐसे सबक दे गया ।
कड़वा था, मुश्किलों से भरा था,
पर देख सके ये दुनिया,
खुद में ही खुद को,
इक निश्छल हम सबको आइना दे गया ।

शिकायत है हम सबको,
होना भी चाहिए ।
पर इतना कुछ सिखाया हमे ,
दिल में इक आभार होना चाहिए ।।

सीख कर इस से ,
चलो नव वर्ष का आगाज करते हैं ।
कुछ आप आगे बढ़ो, कुछ हम आगे आये,
चलो फिर से इक नयी शुरुआत करते हैं ।

The year is not good or bad. Every year is just one year.
Our previous actions make it good or bad.
However this year was a difficult year for the whole world, which gave many lessons to all. It makes us feel that we are part of nature. We cannot live without it.
Therefore, we should try to balance with nature while developing mankind.
So let’s say goodbye to 2020 .. and welcome the new year 2021 …..
Wish you all a very Happy New Year 2021.😊

With love ❤️

~AnuRag

रेत सी जिन्दगीं ।

कितना भी संभालो इसे ,
कुछ ना कुछ रुठ ही जाती है ।
रेत सी ही तो है , ये ज़िन्दगी ,
कितना भी पकड़ो मुट्ठी में,
फिसल कर छूट ही जाती है ।

बहती धाराओं सी निरन्तर,
आगे बढ़ती है ज़िन्दगी
यूं ही चलती चली जाती है…..
किसी के लिए ना रुकती है ज़िन्दगी ।

गर साथ चलो इसके ,
तो आसान सफर है ज़िन्दगी ।
हम मुसाफ़िर है इसके ,
हमारे मंजिलों की डगर है ज़िन्दगी ।

कोयल की कूक सी ,
मधुर संगीत है ज़िन्दगी ।
गर अपने ‌दिल की सुनो ,
तो सच्ची मीत है ज़िन्दगी ।

मंजिल इक है ,
रास्ते अनेक है ।
इंसान अलग-अलग,
पर मानवता एक है ।
ये समझ जाए सब,
तो कितनी आसान है ज़िन्दगी ।

प्यार हम में भी है ,
प्यार उनमें भी है ।
प्यार का ही दूसरा नाम है ज़िन्दगी ।
गर दिल हो सच्चा ,
ईमान हो पक्का
तो जन्नत से कुछ कम नहीं है, ये ज़िन्दगी ।

2019-2020 © AnuRag

आज चांद नहीं निकला !

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आज‌ चांद नहीं निकला,
तू छत पे नहीं आयी क्या?
चलने‌ लगी ठंडी पुरवाई,
तूने ज़ुल्फे लहरायी क्या?

ये रात इतनी खामोश है,
आज फिर तेरी आंखें नम हो आयी क्या?
हवाओं में इक मधुर संगीत है,
तू फिर से गुनगुनायी क्या?

ओह! तारे अचानक टिमटिमाने लगे,
शायद तू गम में मुस्कुरायी क्या ?
चांद भी निकलने लगा अब,
तूने चेहरे से जुल्फें हटायीं क्या?

मेरे हिचकियों का सिलसिला यूं है,
शायद फिर से तुझे मेरी याद आयी क्या?

~AnuRag

नारी ।

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हर रिश्तें को वो समझती है,
बाखूबी उन्हें निभाती है।
दर्द कितने भी हो उसको,
फिर भी वो मुस्कुराती है।

मां किसी की,और बहन किसी की,
किसी की पत्नी बनकर साथ निभाती है।
वो नारी है देवीस्वारुप ।
जो दूसरों की खातिर,
अपना जीवन भी वारी है।।

पर विडम्बना है इस समाज की,
है सम्मान नहीं उसके लाज की।
समझते चीज उसे भोग-विलास की,
कद्र नहीं उसके अहसास की ।

करते झूठी बातें सर्वाधिकार की,
फिकर नहीं उसके ज्जबात की ,
और बात करते हैं नारी उत्थान की ।
नियत साफ़ नहीं इंसान की,
फिर दोष देते उसके परिधान की ।

समाज में बराबर दर्जे की,
वो पूरी हकदार हैं।
ये कोई अहसान नहीं,
यह उसका अधिकार है।

जाने कब हम समझेंगे,
नारी इस समाज की आधार है।
ये समाज शायद भूल गया ,
जरुरत पड़ने पर,
वो दुर्गा चंडी की अवतार भी है ।।

2020© AnuRag

दिल की सुन तो सही ।

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ये फिजाएं ये हसीं वादियां,
है प्यार इनमें भी,
कभी फुर्सत में,इनसे मिल तो सही ।

ये रास्ते , कुछ घने छांव भरे,
कुछ यूं ही निर्जन ,
पर ले जायेंगे मंजिलों तक ,
करके इन पे यकीं
इक बारी चल तो सही ।

ये नदियां ये झरने,
ये बहती जल धाराएं,
मधुर संगीत की हैैं जननी,
कभी सुकून से सुन तो सही ।

क्यूं भागता है ,
क्या ढूढता है तू इस जहां में,
है सबकुछ तुझमें ही ,
इक बारी खुद से मिल तो सही ।

ना हो निराश तू ,
इस जहां से यूं हार कर,
ये जहां तुझ से है,
ना कि तू इस जहां से।
रख हौसला झुकेगा ये जहां भी इक दिन,
करके खुद पे यकीं आगे बढ़ तो सही।

ना हो यूं मायूस,
इस जहां की बातें सुनकर ।
जानता है जो इस जहां को, तुझसे बेहतर
उस अपने दिल की,इक बारी सुन तो सही।

2020© AnuRag

ना कर मोहब्बत अधूरी !

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है इश्क नहीं तुझसे ,
फिर क्यूं चाहत है तेरी ।
गर तू है किसी और की,
फिर क्यूं लगती है मेरी ।

मोहब्बत के सफर में,
है मिलन भी जरूरी ।
रहे तन्हा कब तक,
कर दिल की ख्वाहिश पूरी।

ये मिलन पल दो पल का,
फिर सदियों सी दूरी ,
इस विरह भरे मिलन को,
फिर क्यूं दिल की मंजूरी ।

है चाहते कैद तेरी ,
दिल समझता है मजबूरी ,
ख्वाहिशों के इस शहर में,
नहीं होती हर ख्वाहिश पूरी ।

है गर इश्क तुझको भी,
फिर क्यूं इतनी दूरी ।
यूं जामाने के डर से,
ना कर मोहब्बत अधूरी ।

खैर आरजू नहीं इस दिल को,
तू साथ हो हर बारी ।
अब यकीं हुआ दिल को ,
ये अधूरी कहानी है पूरी ।

2020 © AnuRag

Friendship Day!

तुमसे खून का रिश्ता तो नहीं,

पर कोई रिश्ता उससे कम भी नहीं ।

मिले तो थे हम अजनबियों की तरह,

पर आज तुमसे ज्यादा मुझे कोई जानता भी नहीं।

गर ना होता खुदा यूं मेहरबान मुझपे,

तो तुम जैसे दोस्तों से मिलाता भी नहीं ।

These lines are dedicated to all my friends. Friendship is the most valuable thing.

Good friend in our life is a blessing from God.
We cannot imagine our life without friendship.
A friend is one who is a companion in all our ups and downs.
We should try to be a good friend in someone’s life.
The word friendship is a broad term, it is not only related to our close friends.
You can bring happiness to anyone’s life who needs you, and you can be a good friend to them.

Thanks for reading………

Happy friendship Day to all of you.❤️

PC: Internet ~ AnuRag

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