आंखें !

Pc:socialigence

लफ्ज कुछ कहे ना कहें,
आंखें सब बयां कर देती है।
मोहब्बत में दो दिलों का,
यूं काम आसां कर देती है।

हर अहसास लफ्जों में ,

 बयां हो, ज़रूरी तो नहीं …….

ये आंखों का ही कमाल है,
जो इस अनकहे अहसास को,
और भी खूबसूरत बना देती है ।

~AnuRag


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